• Pritima Vats

नशा हर हाल में बुरा है।


ऩशा चाहे किसी भी तरह का हो हर हाल में बुरा होता है। आपने कई बार बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चिलम, गुटखा, खैनी, तंबाकू, सुर्ती आदि चबाते हुए देखा होगा। नशे की ये तमाम चीजें एक धीमें जहर की तरह है जो हमारे शरीर को खोखला करती रहती है। इससे दिल का दौरा, धमनियों के रोग, फेफड़ों का केंसर, मुँह, होंठ, जीभ, गाल, गले आदि का कैंसर होता है तथा शरीर के कई अन्य अंगों में भी बिमारियाँ होती हैं। तंबाकू, बीड़ी आदि के सेवन से होनेवाली बिमारियों से विश्व में करीब 70 लाख लोग हर साल मरते हैं। केवल भारतवर्ष में 10 लाख से अधिक मौतें नशे की वजह से होती हैं।

धूम्रपान करनेवाला न केवल अपने को नुकसान पहुँचाता है बल्कि अपने आस-पास, जो इस जहरीले बीड़ी/सिगरेट के धुएँ को सूँघते हैं, को भी उतना ही नुकसान पहुँचाता है। इसी कारण भारत सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर ध्रूम्रपान को दंडनीय अपराध घोषित किया है जिसमें जुर्माना एवं कैद की सजा हो सकती है।

आपने कई घरों में शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा, मार-पीट करते तथा गाली-गलौच करते हुए देखा होगा। शराब पीकर आदमी का शरीर,मन एवं बुद्धि बीमार हो जाते हैं। उसका मस्तिष्क सही काम नहीं कर पाता है। शराब पीकर आदमी को लिवर की बीमारियाँ एवं कैंसर होता है। मुँह, गले एवं भोजन की नवी का कैन्सर तथा पेट की अन्य कई तरह की बिमारियाँ हो सकती हैं। इसके अलावा शराब पीकर गाड़ी चलाने से आए दिन कई दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। नशे की हालत में कई तरह के अमानवीय अपराध करता है आदमी।

इसलिए यदि खुशहाल जिंदगी जीना है तो नशे से हर हाल में बचना होगा। नशे से मुक्त हैं तो हम आर्थिक अभावों से भरी जिंदगी में भी परिवार के साथ मिलकर खुश होकर जी सकते हैं, वरना सब बेमानी हो जाता है।

..............................................

©2018 by Suno Mummy........