• Pritima Vats

डराती है मोमो चैलेंज

हर वो माँ जो अपने बच्चों को उलझाने के लिए मोबाईल पकड़ा देती हैं और ये सोचकर खुश हो लेती हैं कि हम तो अपने बच्चे को मॉडर्न बना रहे हैं, आधुनिक तकनीकों से जोड़ रहे हैं, खुद समय नहीं दे पाते हैं तो क्या...मोबाइल के रूप में उसे एक साथी दे दिया है। उन्हें सतर्क होने की जरूरत है। पहले ब्लू ह्वेल और अब मोमो चैलेंज के रूप में बड़ा ही क्रूर गेम अनचाहे मेहमान की तरह आपके मोबाइल में आ जाता है और बच्चों की जिन्दगी को तबाह कर देता है। इस खेल के अंत में आत्महत्या करने की स्थिति बना दी जाती है। जो बच्चे इस खेल को बीच में छोड़ना चाहते हैं या उनके निर्देशों को मानने से इनकार करते हैं तो उन्हें अलग-अलग तरीकों से डराया और ब्लेकमेल किया जाता है।

यह खेल आजकल इतना खतरनाक हो चला है कि सीबीएसई तक ने स्कूलों से कहा है कि बच्चों पर नजर बनाए रखें। अब तक राजस्थान व पश्चिम बंगाल में मोमो चैलेंज के चलते तीन छात्रों की मौत हो चुकी है।

लेकिन डरने और घबराने से पहले ये जान तो लें कि क्या है मोमो चैलेंज?

मोमो चैलेंज एक ऐसा गेम है जो व्हाट्सएप के जरिए आपको मैसेज भेजता है जिसमें एक जापानी गुड़िया की डरावनी सी तस्वीर होती है जिसकी दो बड़ी-बड़ी हल्के पीले रंग की गोल आँखें होती हैं, टेढ़ी-मेढ़ी नाक और डरावनी सी मुस्कान होती है। यदि किसी अनजान नंबर से ऐसी कोई तस्वीर आए तो उसे भूलकर भी क्लिक न करें। क्लिक करते ही यह गेम आपके मोबाईल पर इंस्टाल हो जाएगा। ये एक ऐसा मोबाइल गेम है जो हमारे दिमाग के साथ खेलता है, डर का माहौल बनाता है और फिर जान ले लेता है।

माँओं से अनुरोध है कि अपने बच्चों के प्रति सतर्क रहें और विशेष रूप से इन बातों का ध्यान रखें-

1. अगर बच्चा किसी तनाव की बात कर रहा है तो उससे कारण पूछें।

2. बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर विशेष नजर रखें।

3. अगर बच्चा गेम से परिचित नहीं है तो उससे चर्चा नहीं करें।

4. माँएं अपने बच्चों के स्कूल काउंसलर से नियमित रिपोर्ट लें।

5. अगर आपको लगता है कि बच्चा यह गेम खेल रहा है तो तत्काल किसी मनोचिक्त्सक के पास जाकर अपने बच्चों को दिखाएँ और मदद लें।

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